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Shthaneshwar Mahadev Temple
॥ धर्म परिक्रमा ॥

स्थानेश्वर महादेव मंदिर, कुरुक्षेत्र

धर्म ग्रंथों के स्वयं ब्रह्मांड के रचयिता ब्रह्मा जी ने, यहां ब्रह्मांड का पहला शिवलिंग स्थापित किया गया इस मंदिर में शिवलिंग स्थापना के बाद सबसे पहले स्वयं ब्रह्मा जी ने ही शिवलिंग का पूजन किया था। इस लिहाज से यह स्थान शिव भक्तों के लिए एक पावन तीर्थ है। इसलिए कहा जाता है कि कुरुक्षेत्र की तीर्थ यात्रा इस मंदिर की यात्रा के बिना पूरी नही मानी जाती हैै।

Dholkal Ganesh Temple
॥ धर्म परिक्रमा ॥

ढोलकल गणेश मंदिर

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित भगवान गणपति का यह विशेष मंदिर बैलाडिला की ढोलकल पहाड़ी पर स्थित है। भगवान गणेश का यह मंदिर जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा से 13 किमी दूर पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित है जो ढोलक के आकार की बताई जाती है। इसी आकार के कारन गणेश जी को यहां ढोलकल गणेश के नाम से जाना जाता है। इस पूरी पहाड़ी को भी ढोलकल पहाड़ी कहा जाता है।

kanya-pujan
॥ व्रत एवं त्योहार ॥

नवरात्रि की महाष्टमी पर हम कन्या पूजन क्यों करते हैं ?

नवरात्र के दौरान कन्या पूजन का विशेष महत्व है। नवरात्र की सप्‍तमी से कन्‍या पूजन शुरू हो जाता है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन इन कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर पूजा जाता है।

॥ धर्म चर्चा ॥

नवरात्र पर उपवास रखे जाने का महत्व

कुछ लोग पहले दिन और अष्टमी के दिन उपवास रखते हैं तो वहीं नवरात्र में कुछ लोग पूरे 9 दिन का उपवास करके मां दुर्गा की आराधना करते हैं। नवरात्र में उपवास रखने का विशेष महत्व है। देवी पूजा के साथ व्रत करके माता से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

Navratri
॥ धर्म चर्चा ॥

नवरात्रि में क्या क्या न करें

हमारे हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत ही महत्व है। देवी दुर्गा के नौ अवतारों को समर्पित ये नौ दिन बहुत शुभ माने जाते हैं। यह हमारे सबसे प्राचीन त्योहारों में से एक है क्योंकि यह भगवान राम की जीत का जश्न मनाता है, जिन्होंने रावण पर अपनी लड़ाई से पहले देवी दुर्गा की पूजा की थीं। शारदा नवरात्रि का त्योहार पूरे भारत में धूम धाम से मनाया जाता है। नवरात्र के दौरान मां भगवती की पूजा अमोघ फलदायी होती है। लेकिन कुछ कार्य ऐसे हैं जो नवरात्र के दौरान निषेध हैं।

Navratra
॥ धर्म चर्चा ॥

नवरात्रि को सही रूप में कैसे मनाएं

नवरात्री का सही उद्देश्य अपने तन तथा मन को पुनः ऊर्जा से भर लेना है। स्थूल भौतिक संसार से सूक्ष्म आध्यात्मिक संसार की यात्रा का नाम ही नवरात्र हैं।

Mata Siddhidatri
॥ कथा संग्रह ॥

माता सिद्धिदात्री की कथा

इस कथा में हम जानेंगे की माता दुर्गा की नवां रूप कौन सा हैं? नवरात्री के नौवें दिन किनकी पूजा होती है? माता सिद्धिदात्री का जन्म कैसे हुआ? माता सिद्धिदात्री का मंत्र क्या है? माता सिद्धिदात्री की आरती और माता सिद्धिदात्री की पूजा कैसे करे?

Mata Mahagauri
॥ कथा संग्रह ॥

माता महागौरी की कथा

इस कथा में हम जानेंगे की माता दुर्गा की आठवीं रूप कौन सा हैं? नवरात्री के आठवें दिन किनकी पूजा होती है? माता महागौरी का जन्म कैसे हुआ? माता महागौरी का मंत्र क्या है? माता महागौरी की आरती और माता महागौरी की पूजा कैसे करे?

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