निर्वाण षट्कम्: शुद्ध आत्मा की पुकार
“निर्वाण षट्कम्” (Nirvana Shatakam), जिसे “आत्म षट्कम्” भी कहा जाता है, महान अद्वैत वेदांत गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक अत्यंत गूढ़ और आध्यात्मिक ग्रंथ है। इस रचना में आत्मा और ब्रह्म के अद्वैत स्वरूप का वर्णन किया गया है। यह केवल छह श्लोकों की छोटी-सी कविता है, लेकिन इसकी गहराई में सम्पूर्ण वेदांत समाया हुआ है।









